श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  5.38.13 
ततो लोभस्समभवत्पार्थेनैकेन धन्विना।
दृष्ट्वा स्त्रियो नीयमाना दस्यूनां निहतेश्वरा:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
उस समय धनुर्धर अर्जुन को अकेले अनाथ स्त्रियों का हरण करते देख लुटेरे लोभी हो गये।
 
At that time, seeing the archer Arjuna taking away the orphan women alone, the robbers became greedy. 13.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)