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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण
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श्लोक 12
श्लोक
5.38.12
पार्थ: पञ्चनदे देशे बहुधान्यधनान्विते।
चकार वासं सर्वस्य जनस्य मुनिसत्तम:॥ १२॥
अनुवाद
हे महामुनि! अर्जुन ने द्वारका के समस्त निवासियों को अत्यंत समृद्ध पंचनद (पंजाब) देश में बसाया॥12॥
O great sage! Arjuna settled all the residents of Dwaraka in the extremely prosperous Panchanad (Punjab) country.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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