श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 37: ऋषियोंका शाप, यदुवंशविनाश तथा भगवान् का स्वधाम सिधारना  »  श्लोक 63
 
 
श्लोक  5.37.63 
त्वमर्जुनेन सहितो द्वारवत्यां तथा जनम्।
गृहीत्वा याहि वज्रश्च यदुराजो भविष्यति॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
और तुम सब द्वारकावासियों को लेकर अर्जुन के साथ जाओ। [हमारे बाद] वज्र यदुवंश का राजा होगा ॥63॥
 
And you take all the residents of Dwaraka and go with Arjuna. [After us] Vajra will be the king of the Yadu dynasty. ॥ 63॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)