श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 37: ऋषियोंका शाप, यदुवंशविनाश तथा भगवान् का स्वधाम सिधारना  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  5.37.62 
गत्वा च ब्रूहि कौन्तेयमर्जुनं वचनान्मम।
पालनीयस्त्वया शक्त्या जनोऽयं मत्परिग्रह:॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
मेरी ओर से कुन्तीपुत्र अर्जुन से कहो कि, ‘तुम अपनी शक्ति भर मेरे परिवार की रक्षा करो।’॥ 62॥
 
Tell Arjuna, son of Kunti, on my behalf, “Protect my family to the best of your ability.”॥ 62॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)