vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 5: पंचम अंश
»
अध्याय 37: ऋषियोंका शाप, यदुवंशविनाश तथा भगवान् का स्वधाम सिधारना
»
श्लोक 62
श्लोक
5.37.62
गत्वा च ब्रूहि कौन्तेयमर्जुनं वचनान्मम।
पालनीयस्त्वया शक्त्या जनोऽयं मत्परिग्रह:॥ ६२॥
अनुवाद
मेरी ओर से कुन्तीपुत्र अर्जुन से कहो कि, ‘तुम अपनी शक्ति भर मेरे परिवार की रक्षा करो।’॥ 62॥
Tell Arjuna, son of Kunti, on my behalf, “Protect my family to the best of your ability.”॥ 62॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas