तान्दृष्ट्वा यादवानाह पश्यध्वमतिदारुणान्।
महोत्पाताञ्च्छमायैषां प्रभासं याम मा चिरम्॥ ३०॥
अनुवाद
यह उपद्रव देखकर भगवान् ने यादवों से कहा, "देखो, कैसा भयंकर उपद्रव हो रहा है; आओ, हम शीघ्र ही प्रभास क्षेत्र में जाकर उन्हें शांत करें।" ॥30॥
Seeing these disturbances the Lord said to the Yadavas, "Look, what a terrible disturbance is happening; let us quickly proceed to Prabhas Kshetra to pacify them." ॥30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥