vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 5: पंचम अंश
»
अध्याय 37: ऋषियोंका शाप, यदुवंशविनाश तथा भगवान् का स्वधाम सिधारना
»
श्लोक 2
श्लोक
5.37.2
क्षितेश्च भारं भगवान्फाल्गुनेन समन्वित:।
अवतारयामास विभुस्समस्ताक्षौहिणीवधात्॥ २॥
अनुवाद
और अन्त में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के साथ मिलकर अठारह अक्षौहिणी सेना का संहार करके पृथ्वी का भार उतार दिया॥2॥
And in the end, Lord Krishna along with Arjun killed the eighteen Akshauhini army and removed the burden of the earth. 2॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas