श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 37: ऋषियोंका शाप, यदुवंशविनाश तथा भगवान् का स्वधाम सिधारना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.37.1 
श्रीपराशर उवाच
एवं दैत्यवधं कृष्णो बलदेवसहायवान्।
चक्रे दुष्टक्षितीशानां तथैव जगत: कृते॥ १॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर बोले, 'हे मैत्रेय! इसी प्रकार जगत के कल्याण के लिए श्रीकृष्णचन्द्र ने बलभद्र के साथ मिलकर राक्षसों और दुष्ट राजाओं का संहार किया था।
 
Shri Parashara said, 'O Maitreya! Similarly, for the benefit of the world, Shri Krishna Chandra along with Balabhadra killed demons and evil kings.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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