श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 36: द्विविद-वध  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.36.9 
कामरूपी महारूपं कृत्वा सस्यान्यशेषत:।
लुठन्भ्रमणसम्मर्दैस्सञ्चूर्णयति वानर:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
वह कामरूपी वानर विशाल रूप धारण करके इधर-उधर लोटने लगा और अपने लूटने वाले पैरों के संघर्ष से उसने समस्त अन्न के खेतों को कुचल डाला॥9॥
 
That monkey in the form of Kama (desire) assumed a huge form and started rolling around and with the struggle of his plundering feet he crushed all the grain fields.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)