श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 36: द्विविद-वध  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  5.36.6 
ददाह सवनान्देशान्पुरग्रामान्तराणि च।
क्वचिच्च पर्वताक्षेपैर्ग्रामादीन्समचूर्णयत्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
वह वन, देश, नगर और अनेक ग्रामों को जला डालता था और कभी-कभी पर्वतों को गिराकर ग्रामवासियों को चूर्ण-चूर्ण कर देता था। ॥6॥
 
He would burn forests, countries, cities and various villages and sometimes he would bring down mountains and turn the villagers into powder. ॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)