श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 36: द्विविद-वध  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  5.36.4 
करिष्ये सर्वदेवानां तस्मादेतत्प्रतिक्रियाम्।
यज्ञविध्वंसनं कुर्वन् मर्त्यलोकक्षयं तथा॥ ४॥
 
 
अनुवाद
[उसने निश्चय किया कि] “मैं इस मृत्युलोक का विनाश करूँगा और इस प्रकार यज्ञ-यागादि का विनाश करके समस्त देवताओं से बदला लूँगा।”4॥
 
[He decided that] “I will destroy the mortal world and thus take revenge from all the gods by destroying the yajna-yagadika.” 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)