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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 36: द्विविद-वध
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श्लोक 24
श्लोक
5.36.24
श्रीपराशर उवाच
एवंविधान्यनेकानि बलदेवस्य धीमत:।
कर्माण्यपरिमेयानि शेषस्य धरणीभृत:॥ २४॥
अनुवाद
श्री पाराशरजी ने कहा - शेषावतार धरणीधर धीमान बलभद्रजी के ऐसे अनेक कर्म हैं, जिनका परिमाण (तुलना) नहीं कहा जा सकता। 24॥
Shri Parasharji said - Sheshavatar Dharanidhar Dhiman Balbhadraji has many such deeds, whose magnitude (comparison) cannot be told. 24॥
इति श्रीविष्णुपुराणे पञ्चमेंऽशे षट्त्रिंशोऽध्याय:॥ ३६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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