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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 36: द्विविद-वध
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श्लोक 21
श्लोक
5.36.21
पुष्पवृष्टिं ततो देवा रामस्योपरि चिक्षिपु:।
प्रशशंसुस्ततोऽभ्येत्य साध्वेतत्ते महत्कृतम्॥ २१॥
अनुवाद
उस समय देवतागण बलरामजी पर पुष्पवर्षा करने लगे और वहाँ आकर उनकी स्तुति करने लगे कि तुमने बहुत अच्छा काम किया है। ॥21॥
At that time the gods began showering flowers on Balarama and came there and started praising him saying, "You have done a very good thing." ॥21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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