श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 36: द्विविद-वध  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  5.36.17 
चिक्षेप स च तां क्षिप्तां मुसलेन सहस्रधा।
बिभेद यादवश्रेष्ठस्सा पपात महीतले॥ १७॥
 
 
अनुवाद
और उसने उसे बलराम पर फेंका, किन्तु वीर यदुवीर बलभद्र ने मूसल से उसे हजारों टुकड़ों में तोड़ दिया; जिससे वह पृथ्वी पर गिर पड़ा।
 
And she hurled it at Balram, but the brave Yadu hero Balbhadra broke it into thousands of pieces with a pestle; because of which it fell on the earth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)