श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 36: द्विविद-वध  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  5.36.15 
तत: कोपपरीतात्मा भर्त्सयामास तं हली।
तथापि तमवज्ञाय चक्रे किलकिलध्वनिम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
तब श्री हलधर क्रोधित हो गए और उसे धमकाया, लेकिन वह उनकी बात नहीं मानता और खिलखिलाकर हंसने लगा।
 
Then Shri Haldhar became angry and threatened him, but he disobeyed him and started giggling.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)