श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 36: द्विविद-वध  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  5.36.14 
तथैव योषितां तासां जहासाभिमुखं कपि:।
पानपूर्णांश्च करकाञ्चिक्षेपाहत्य वै तदा॥ १४॥
 
 
अनुवाद
वह दुष्ट बुद्धि वाला बन्दर उन स्त्रियों को देखकर हंसने लगा और उसने शराब से भरे हुए घड़े तोड़कर फेंक दिए।14.
 
That evil-minded monkey started laughing while looking at those women and he broke the pitchers full of wine and threw them away. 14.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)