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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 36: द्विविद-वध
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श्लोक 13
श्लोक
5.36.13
ततस्स वानरोऽभ्येत्य गृहीत्वा सीरिणो हलम्।
मुसलं च चकारास्य सम्मुखं च विडम्बनम्॥ १३॥
अनुवाद
इसी समय वहाँ द्विविद नामक वानर आया और श्री हलधर का हल और मूसल लेकर उनके सामने उनकी नकल करने लगा।
At this time Dwivid the monkey arrived there and took the plough and pestle of Shri Haldhar and began to imitate him in front of him. 13.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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