श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 36: द्विविद-वध  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.36.1 
श्रीपराशर उवाच
मैत्रेयैतद‍्बलं तस्य बलस्य बलशालिन:।
कृतं यदन्यत्तेनाभूत्तदपि श्रूयतां त्वया॥ १॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर जी बोले- हे मैत्रेय! बलवान बलराम जी का पराक्रम ऐसा ही था। अब उनका एक और कार्य सुनो॥1॥
 
Shri Parashar Ji said- O Maitreya! Such was the might of the powerful Balarama Ji. Now, listen to another deed that he had done.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)