vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 5: पंचम अंश
»
अध्याय 35: साम्बका विवाह
»
श्लोक 8
श्लोक
5.35.8
श्रीपराशर उवाच
बलदेवस्ततो गत्वा नगरं नागसाह्वयम्।
बाह्योपवनमध्येऽभून्न विवेश च तत्पुरम्॥ ८॥
अनुवाद
श्री पाराशर जी बोले - तत्पश्चात श्री बलदेव जी हस्तिनापुर के निकट पहुँचकर उसके बाहर एक बगीचे में ठहरे, उन्होंने नगर में प्रवेश नहीं किया।
Sri Parashar Ji said - Thereafter, Sri Baldev Ji reached near Hastinapur and stayed in a garden outside it; he did not enter the city.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×