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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 35: साम्बका विवाह
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श्लोक 26
श्लोक
5.35.26
समस्तभूभृतां नाथ उग्रसेनस्स तिष्ठतु।
अद्यनिष्कौरवामुर्वीं कृत्वा यास्यामि तत्पुरीम्॥ २६॥
अनुवाद
उग्रसेन ही सब राजाओं का राजा रहे। आज मैं ही पृथ्वी को कौरवों से रहित करके उनकी द्वारकापुरी को जाऊँगा॥ 26॥
Let Ugrasen alone remain the king of all kings. Today I alone will make the earth free of Kauravas and go to his Dwarkapuri.॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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