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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 35: साम्बका विवाह
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श्लोक 11
श्लोक
5.35.11
ततस्तद्वचनं श्रुत्वा भीष्मद्रोणादयो नृपा:।
कर्णदुर्योधनाद्याश्च चुक्षुभुर्द्विजसत्तम॥ ११॥
अनुवाद
हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! बलरामजी के ये वचन सुनकर भीष्म, द्रोण, कर्ण और दुर्योधन आदि राजा अत्यन्त क्रोधित हो गये।
O best of the Brahmins! On hearing these words of Balarama, kings like Bhishma, Drona, Karna and Duryodhana became very angry.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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