श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 34: पौण्ड्रक-वध तथा काशीदहन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  5.34.39 
कृत्या वाराणसीमेव प्रविवेश त्वरान्विता।
विष्णुचक्रप्रतिहतप्रभावा मुनिसत्तम॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
हे महामुनि! अन्त में विष्णुचक्र से प्रभावित होकर कृत ने शीघ्रतापूर्वक काशी में प्रवेश किया ॥39॥
 
Oh great sage! At last, Krita, who was impressed by Vishnu Chakra, quickly entered Kashi. 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)