श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 34: पौण्ड्रक-वध तथा काशीदहन  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  5.34.28 
तच्छिर: पतितं तत्र दृष्ट्वा काशिपते: पुरे।
जन: किमेतदित्याहच्छिन्नं केनेति विस्मित:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
इधर काशीपुरी में काशीराज का सिर गिरा हुआ देखकर सब नगरवासी आश्चर्यचकित होकर कहने लगे - 'यह क्या हो गया? इसे किसने काट डाला?'॥28॥
 
Here in Kashipuri, seeing the head of the King of Kashi fallen, all the residents of the city were astonished and started saying - 'What has happened? Who cut it off?'॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)