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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 34: पौण्ड्रक-वध तथा काशीदहन
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श्लोक 26
श्लोक
5.34.26
ततश्शार्ङ्गधनुर्मुक्तैश्छित्त्वा तस्य शिरश्शरै:।
काशिपुर्यां स चिक्षेप कुर्वंल्लोकस्य विस्मयम्॥ २६॥
अनुवाद
तब प्रभु ने शार्ङ्ग धनुष से छोड़े हुए बाण से उसका सिर काट डाला और उसे काशीपुरी में फेंक दिया, जिससे सब लोग आश्चर्यचकित हो गए॥ 26॥
Then the Lord cut off his head with an arrow shot from the Sharnga bow and threw it in Kashipuri, to the astonishment of all the people.॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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