श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 34: पौण्ड्रक-वध तथा काशीदहन  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  5.34.22 
श्रीभगवानुवाच
पौण्ड्रकोक्तं त्वया यत्तु दूतवक्त्रेण मां प्रति।
समुत्सृजेति चिह्नानि तत्ते सम्पादयाम्यहम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
श्रीभगवान बोले - हे पौण्ड्रक! तुमने दूत के मुख से मुझे जो आज्ञा दी थी कि मैं अपने चिह्नों को पीछे छोड़ जाऊँ, मैं तुम्हारे सामने ही उस आज्ञा का पालन कर रहा हूँ॥ 22॥
 
Sri Bhagavan said - O Paundraka! Whatever you had told me through the mouth of a messenger to leave my symbols behind, I am fulfilling that order in front of you. ॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)