श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 34: पौण्ड्रक-वध तथा काशीदहन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  5.34.21 
काशिराजबलं चैवं क्षयं नीत्वा जनार्दन:।
उवाच पौण्ड्रकं मूढमात्मचिह्नोपलक्षितम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार काशी नरेश की सेना का नाश करके श्री जनार्दन ने अपने नाम के चिन्हों से युक्त मूर्ख पौण्ड्रक से कहा।
 
In the same manner, after destroying the army of the King of Kashi, Sri Janardana told the foolish Paundraka who was endowed with the symbols mentioned in his name. 21.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)