| श्री विष्णु पुराण » अंश 5: पंचम अंश » अध्याय 34: पौण्ड्रक-वध तथा काशीदहन » श्लोक 20 |
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| | | | श्लोक 5.34.20  | क्षणेन शार्ङ्गनिर्मुक्तैश्शरैररिविदारणै:।
गदाचक्रनिपातैश्च सूदयामास तद्बलम्॥ २०॥ | | | | | | अनुवाद | | भगवान् ने अपने शार्ङ्गधनुष, गदा और चक्र से छोड़े हुए तीखे बाणों द्वारा क्षण भर में ही शत्रुओं को बींधकर उनकी सारी सेना को नष्ट कर दिया॥20॥ | | | | In a moment, the Lord destroyed his entire army with the sharp arrows that pierced the enemies released from his Sharngbow and his mace and discus. 20॥ | | ✨ ai-generated | | |
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