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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 34: पौण्ड्रक-वध तथा काशीदहन
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श्लोक 17
श्लोक
5.34.17
स्रग्धरं पीतवसनं सुपर्णरचितध्वजम्।
वक्ष:स्थले कृतं चास्य श्रीवत्सं ददृशे हरि:॥ १७॥
अनुवाद
श्रीहरि ने देखा कि उसके गले में वैजयन्ती माला, शरीर पर पीताम्बर, गरुड़-चित्रित ध्वजा और वक्षस्थल पर श्रीवत्स चिन्ह है॥17॥
Shri Hari saw that he had Vaijayanti Mala around his neck, Pitambar on his body, Garuda-emblazoned flag and Shrivatsa symbol on his chest. 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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