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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 34: पौण्ड्रक-वध तथा काशीदहन
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श्लोक 16
श्लोक
5.34.16
तं ददर्श हरिर्दूरादुदारस्यन्दने स्थितम्।
चक्रहस्तं गदाशार्ङ्गबाहुं पाणिगताम्बुजम्॥ १६॥
अनुवाद
दूर से भगवान ने उन्हें एक सुन्दर रथ पर बैठे हुए देखा, जिनके हाथों में चक्र, गदा, धनुष और पद्म थे॥16॥
From a distance, God saw him sitting on a fine chariot with a discus, mace, bow and lotus in his hands. 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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