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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 34: पौण्ड्रक-वध तथा काशीदहन
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श्लोक 11
श्लोक
5.34.11
आज्ञापूर्वं च यदिदमागच्छेति त्वयोदितम्।
सम्पादयिष्ये श्वस्तुभ्यं समागम्याविलम्बितम्॥ ११॥
अनुवाद
‘और जो कुछ आपने मुझे ‘आओ’ कहकर आज्ञा दी है, उसका मैं अवश्य पालन करूँगा और कल शीघ्र ही आपके पास पहुँच जाऊँगा।॥11॥
‘And whatever you have commanded me by saying “come”, I will certainly obey that and will reach you soon tomorrow.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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