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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 33: श्रीकृष्ण और बाणासुरका युद्ध
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श्लोक 6
श्लोक
5.33.6
कन्यान्त:पुरमभ्येत्य रममाणं सहोषया।
विज्ञाय रक्षिणो गत्वा शशंसुर्दैत्यभूपते:॥ ६॥
अनुवाद
अनिरुद्ध को कन्यान्तपुर में आकर उषा के साथ विहार करते देख पहरेदारों ने दैत्यराज बाणासुर से सारा वृत्तांत कह सुनाया॥6॥
Seeing Aniruddha coming to Kanyantpur and having fun with Usha, the guards told the whole story to the demon king Banasur. 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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