श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 33: श्रीकृष्ण और बाणासुरका युद्ध  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  5.33.45 
श्रीपराशर उवाच
इत्युक्त: प्राह गोविन्द: शूलपाणिमुमापतिम्।
प्रसन्नवदनो भूत्वा गतामर्षोऽसुरं प्रति॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
श्री पाराशरजी बोले - त्रिशूलपाणि भगवान् उमापति के मुख से यह सुनकर श्रीगोविन्द ने बाणासुर के प्रति अपना क्रोध त्याग दिया और प्रसन्न होकर उससे बोले - 45॥
 
Shri Parasharji said - On hearing this from Trishulpaani Lord Umapati, Shri Govind gave up his anger towards Banasur and became happy and said to him - 45॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)