श्री पराशर जी बोले- हे मैत्रेय! एक बार बाणासुर ने भी भगवान त्रिलोचन को प्रणाम करके कहा था कि हे प्रभु! युद्ध के बिना ही इन हजार भुजाओं के कारण मैं बहुत दुःखी हो रहा हूँ॥1॥
Shri Parashar Ji said- O Maitreya! Once Banasura too had bowed to Lord Trilochan and said that O Lord! Without a fight I am feeling very sad due to these thousand arms.॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥