श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 30: पारिजात-हरण  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  5.30.61 
शिबिकां च धनेशस्य चक्रेण तिलशो विभु:।
चकार शौरिरर्कं च दृष्टिदृष्टहतौजसम्॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
भगवान् ने अपने सुदर्शन चक्र से कुबेर के विमान को टुकड़े-टुकड़े कर दिया और अपनी तेजस्विता से सूर्य को देखते ही मंद कर दिया ॥ 61॥
 
The Lord shattered Kubera's plane into pieces with His Sudarshan Chakra and made the Sun dim by merely looking at it with His radiant sight. ॥ 61॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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