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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 30: पारिजात-हरण
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श्लोक 59
श्लोक
5.30.59
पाशं सलिलराजस्य समाकृष्योरगाशन:।
चकार खण्डशशचञ्च्वा बालपन्नगदेहवत्॥ ५९॥
अनुवाद
सर्पभक्षी गरुड़ ने समुद्र के स्वामी वरुण का पाश खींच लिया और अपनी चोंच से उसे सर्प के बच्चे के समान टुकड़ों में फाड़ डाला।
The snake-eating Garuda pulled the noose of Varuna, the lord of the oceans, and with his beak tore it into as many pieces as a baby snake. 59.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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