| श्री विष्णु पुराण » अंश 5: पंचम अंश » अध्याय 30: पारिजात-हरण » श्लोक 54 |
|
| | | | श्लोक 5.30.54  | तत: परिघनिस्त्रिंशगदाशूलवरायुधा:।
बभूवुस्रिदशास्सज्जा: शक्रे वज्रकरे स्थिते॥ ५४॥ | | | | | | अनुवाद | | इन्द्रके हाथमें वज्र धारण करते ही सब देवता परिघ, निस्त्रिंश, गदा और शूल आदि अस्त्र-शस्त्रोंसे सुसज्जित हो गए ॥54॥ | | | | The moment Indra took the thunderbolt in his hand, all the gods got equipped with weapons like Parigha, Nistrinsha, mace and prongs etc. 54॥ | | ✨ ai-generated | | |
|
|