श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 30: पारिजात-हरण  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  5.30.26 
श्रीपराशर उवाच
तत: कृष्णस्य पत्नी च शक्रपत्न्या सहादितिम्।
सत्यभामा प्रणम्याह प्रसीदेति पुन: पुन:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशरजी बोले - तत्पश्चात शक्र की पत्नी शचीका सहित कृष्णप्रिया सत्यभामा ने अदिति को बार-बार प्रणाम करके कहा - "माता! आप प्रसन्न हों ॥26॥
 
Shri Parasharji said - After that, Krishnapriya Satyabhama along with Shakra's wife Shachika bowed to Aditi again and again and said - "Mother! May you be happy. 26॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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