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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 30: पारिजात-हरण
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श्लोक 23
श्लोक
5.30.23
एतत्पश्यामि ते रूपं स्थूलचिह्नोपलक्षितम्।
न जानामि परं यत्ते प्रसीद परमेश्वर॥ २३॥
अनुवाद
मैं केवल आपके इस भौतिक लक्षणों से प्रकट होने वाले रूप को ही देखता हूँ; मैं आपके वास्तविक रूप को नहीं जानता; हे परमेश्वर! आप प्रसन्न हों ॥23॥
I only see this form of Yours which is manifested by physical signs; I do not know Your real form; O Supreme Lord, please be pleased. ॥23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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