श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 30: पारिजात-हरण  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  5.30.22 
नमस्ते चक्रहस्ताय शार्ङ्गहस्ताय ते नम:।
गदाहस्ताय ते विष्णो शङ्खहस्ताय ते नम:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
हे चक्रपाणे! आपको नमस्कार है; हे शार्ङ्गधर! आपको नमस्कार है; हे गधधर! आपको नमस्कार है; हे शंखपाणे! हे विष्णु! आपको बारंबार नमस्कार है॥22॥
 
O Chakrapane! Salutations to You; O Sharngadhar! Salutations to You; O Gadhdhar! Salutations to You; O Shankhapane! O Vishnu! Salutations to You again and again.॥22॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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