आराध्य त्वामभीप्सन्ते कामानात्मभवक्षयम्।
यदेते पुरुषा माया सैवेयं भगवंस्तव॥ १८॥
अनुवाद
हे प्रभु! ये जन्म-मरण के चक्र में फँसे हुए मनुष्य जीवन के बन्धन को नष्ट करने वाले आपको भजकर भी नाना प्रकार की कामनाएँ माँगते हैं, यह आपकी ही माया है॥18॥
O Lord! [These men trapped in the cycle of birth and death] even after worshipping You, who destroys the bondage of life, ask for various kinds of desires, this is only Your Maya. ॥18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥