श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 29: नरकासुरका वध  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.29.9 
देवसिद्धासुरादीनां नृपाणां च जनार्दन।
हृत्वा तु सोऽसुर: कन्या रुरुधे निजमन्दिरे॥ ९॥
 
 
अनुवाद
हे जनार्दन! इसने देवताओं, सिद्धों, दानवों और राजाओं आदि की कन्याओं को बलपूर्वक लाकर अपने कक्ष में बन्द कर लिया है।
 
O Janardan! He has forcibly brought the daughters of the Gods, Siddhas, Demons and Kings etc. and confined them in his inner chambers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)