श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 29: नरकासुरका वध  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  5.29.4 
तपस्विव्यसनार्थाय सोऽरिष्टो धेनुकस्तथा।
प्रवृत्तो यस्तथा केशी ते सर्वे निहतास्त्वया॥ ४॥
 
 
अनुवाद
आपने अरिष्ट, धेनुक और केशी आदि समस्त राक्षसों का वध किया, जो सदैव तपस्वियों को कष्ट देते थे॥4॥
 
You killed all the demons like Arishta, Dhenuk and Keshi who always troubled the ascetics. ॥4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)