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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 29: नरकासुरका वध
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श्लोक 35
श्लोक
5.29.35
आरुह्य च स्वयं कृष्णस्सत्यभामासहायवान्।
अदित्या: कुण्डले दातुं जगाम त्रिदशालयम्॥ ३५॥
अनुवाद
और सत्यभामा सहित वे स्वयं भी उस पर चढ़ गए और अदिति के कुण्डल देने के लिए स्वर्गलोक चले गए ॥35॥
And he himself along with Satyabhama also climbed on it and went to heaven to give Aditi's earrings. 35॥
इति श्रीविष्णुपुराणे पञ्चमेंऽशे एकोनत्रिंशोऽध्याय:॥ २९॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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