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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 29: नरकासुरका वध
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श्लोक 24
श्लोक
5.29.24
सोऽयं त्वयैव दत्तो मे त्वयैव विनिपातित:।
गृहाण कुण्डले चेमे पालयास्य च सन्ततिम्॥ २४॥
अनुवाद
इस प्रकार तुमने मुझे यह पुत्र दिया और अब इसे नष्ट कर दिया है; कृपया ये कुण्डल ले लो और अब इसके वंश की रक्षा करो ॥24॥
Thus you gave me this son and now you have destroyed him; please take these earrings and now protect his progeny. ॥24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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