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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 29: नरकासुरका वध
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श्लोक 17
श्लोक
5.29.17
तांश्चिच्छेद हरि: पाशान्क्षिप्त्वा चक्रं सुदर्शनम्।
ततो मुरस्समुत्तस्थौ तं जघान च केशव:॥ १७॥
अनुवाद
भगवान् ने अपना सुदर्शन चक्र फेंककर उन पाशों को काट डाला; फिर दैत्य मुर भी उनसे लड़ने के लिए खड़ा हुआ, तब श्री केशव ने उसे भी मार डाला॥17॥
The Lord cut those nooses by throwing His Sudarshana Chakra; then the demon Mura also stood up to fight Him, then Shri Keshava killed him too.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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