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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 29: नरकासुरका वध
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श्लोक 10
श्लोक
5.29.10
छत्रं यत्सलिलस्रावि तज्जहार प्रचेतस:।
मन्दरस्य तथा शृङ्गं हृतवान्मणिपर्वतम्॥ १०॥
अनुवाद
इस राक्षस ने वरुण का जल बरसाने वाला छत्र तथा मणिपर्वत नामक मन्दरा पर्वत का शिखर भी छीन लिया है॥10॥
This demon has also taken away Varuna's water-showering umbrella and the peak of Mandara mountain called Maniparvat.॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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