श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 28: रुक्मीका वध  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  5.28.6 
प्रद्युम्नोऽपि महावीर्यो रुक्मिणस्तनयां शुभाम्।
स्वयंवरे तां जग्राह सा च तं तनयं हरे:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
महावीर प्रद्युम्न ने रुक्मीकि की सुन्दर पुत्री को स्वीकार किया और उस पुत्री ने भी भगवान के पुत्र प्रद्युम्न को विवाह में स्वीकार किया ॥6॥
 
Mahavir Pradyumna accepted the beautiful daughter of Rukmiki and that daughter also accepted God's son Pradyumna in her marriage. 6॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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