| श्री विष्णु पुराण » अंश 5: पंचम अंश » अध्याय 28: रुक्मीका वध » श्लोक 27 |
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| | | | श्लोक 5.28.27  | बलेन निहतं दृष्ट्वा रुक्मिणं मधुसूदन:।
नोवाच किञ्चिन्मैत्रेय रुक्मिणीबलयोर्भयात्॥ २७॥ | | | | | | अनुवाद | | हे मैत्रेय! उस समय श्रीमधुसूदन रुक्मी को मारा हुआ देखकर एक ओर रुक्मिणी और दूसरी ओर बलरामजी के भय से कुछ नहीं बोले॥ 27॥ | | | | O Maitreya, at that time Sri Madhusudana, seeing Rukmi killed, did not say anything out of fear of Rukmini on one side and Balarama on the other.॥ 27॥ | | ✨ ai-generated | | |
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