| श्री विष्णु पुराण » अंश 5: पंचम अंश » अध्याय 28: रुक्मीका वध » श्लोक 19 |
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| | | | श्लोक 5.28.19  | अजयद्बलदेवस्तं प्राहोच्चैर्विजितं मया।
मयेति रुक्मी प्राहोच्चैरलीकोक्तेरलं बल॥ १९॥ | | | | | | अनुवाद | | बलदेवजी ने ही उसे जीता और वे जोर से चिल्लाकर बोले, ‘मैं जीत गया।’ इस पर रुक्मी भी चिल्लाया - ‘बलराम! झूठ बोलने से कोई लाभ नहीं है, यह फेरा भी मैं जीत गया हूँ।॥ 19॥ | | | | It was Baldev who won it and he shouted loudly, 'I won.' Rukmi also shouted at this - 'Balram! There is no benefit in telling a lie, I have won this round as well.॥ 19॥ | | ✨ ai-generated | | |
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