श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 28: रुक्मीका वध  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  5.28.12 
श्रीपराशर उवाच
तथेति तानाह नृपान‍्‍रुक्मी बलमदान्वित:।
सभायां सह रामेण चक्रे द्यूतं च वै तदा॥ १२॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर बोले - तब अपने बल के मद में चूर रुक्मी ने उन राजाओं से कहा - 'बहुत अच्छा' और सभा में बलरामजी के साथ पासे खेलने लगा।
 
Shri Parashara said - Then Rukmi, intoxicated with his power, said to those kings - 'Very good' and started playing dice with Balram in the assembly.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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