श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 27: प्रद्युम्न-हरण तथा शम्बर-वध  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.27.9 
कोऽयं कथमयं मत्स्यजठरे प्रविवेशित:।
इत्येवं कौतुकाविष्टां तन्वीं प्राहाथ नारद:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
फिर यह कौन है और इसे इस मछली के पेट में कैसे डाला गया?’ नारद मुनि अत्यंत विस्मित हुए उस सुंदरी के पास आए और बोले-॥9॥
 
Then who is this and how was he put into the stomach of this fish?' The sage Narada came to that beautiful lady who was extremely astonished and said -॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)